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आईआईटी जेईई, नीट एग्जाम में सफलता के टिप्स (Tips for Success in IIT JEE, NEET Exam)

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Tips for Success in IIT JEE, NEET Exam

आईआईटी जेईई, नीट एग्जाम में सफलता के टिप्स:

ईमानदार और स्मार्ट कोशिश करें, कामयाबी तो पीछे-पीछे आएगी

मोशन में हमने फिजिकल और ऑनलाइन कोचिंग का राइट मिक्सचर तैयार किया है। हम यहां आने वाले विद्यार्थियों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं जैसे बेस्ट फैकेल्टी, स्टडी मेटेरियल और मेंटरिंग उपलब्ध करवाते हैं। हमारा अनुभव कहता कि अगर विद्यार्थी लगातार क्लास में आता हैं, टीचर्स की सलाह को फॉलो कर होमवर्क करता हैं, समय-समय पर टेस्ट देकर अपनी कमजोरियों को दुरुस्त करता हैं और खुद को नेगेटिविटी से दूर रखता है तो कामयाबी जरूर मिलाती है।

प्लानिंग के साथ शुरू करें तैयारी

कामयाब बच्चे या कहें रैंकर भी आपकी हमारी तरह नॉर्मल लोग ही होते हैं। वे बस प्लानिंग के साथ फोकस होकर तैयारी करते हैं। इसलिए सबसे पहले टाइम टेबल बनाएं और तय कर लें कि अपने 24 घंटे कैसे काम में लेने हैं।

तीनों सब्जेक्ट पर ध्यान दें

भले ही एक विषय आपका फेवरेट हो और दूसरा-तीसरा बोरिंग लगता हो पर सिलेक्शन के लिए आपको तीनों ही सब्जेक्ट में अच्छे नंबर आना जरूरी है। इसलिए प्लानिंग में सभी सब्जेक्ट को उपयुक्त टाइम दें।

सिलेबस पर फोकस करें

एग्जाम क्रैक करने के लिए जरूरी है कि जो आपके सिलेबस में है, उसे पूरी गंभीरता से फोकस होकर पढ़ें और जो सिलेबस में नहीं है, उसे छोड़ दें। रेगुलर क्लास में कुछ समझ में नहीं आए तो डाउट जरूर क्लीयर कर लें

टेस्ट दें और कमियां दूर करें  

हर तीसरे संडे टेस्ट होता है। इससे आपको पता चलता रहता है कि जो पढ़ाया गया आपको कितना समझ आ रहा है। आप जो टेस्ट देते हैं, इसकी कॉपी बनाएं और एनालिसिस करें कि कहां गलती रह गई और क्यों रह गई। जैसे कोई सिली मिस्टेक हो गई या आपने पढ़ा नहीं या क्लास छूट गई…। आप इसका विश्लेषण भी करें कि आपने जो गलतियां की हैं अगर वह नहीं करते तो आपके कितने नंबर आते हैं। दिसंबर में कोर्स पूरा होने के बाद पिछले साल के पेपर सॉल्व करें, मॉक टेस्ट देते रहें। टेस्ट सीरीज से आपको अपनी गलतियों की जानकारी मिलेगी और उनको ठीक किया जा सकेगा।

खुद को एनर्जेटिक, मोटिवेट रखें

आईआईटी या नीट एग्जाम की तैयारी मैराथन दौड़ की तरह है। इसके लिए डिसिप्लीन और कंसिस्टेंसी जरूरी है। इस सारी जर्नी में खुद को एनर्जेटिक, मोटिवेट रखना जरूरी है। वार्ना तैयारी के दौरान तनाव होता है। नाकामयाबी का डर और चिंता एनर्जी चूस लेती है। ऐसा कभी न कभी सबके साथ होता है। इस पर काबू पाना जरूरी है। वैसे भी कोई बताए कि इससे होता क्या है। कुछ नहीं। आपके हाथ में प्रयास ही न। आप केवल ईमानदारी से अपनी कोशिश करें, अपना कर्म करें, आपकी कोशिश कामयाब जरुर होगी।

लर्निंग को एंजॉय करें

बच्चे अक्सर कहते हैं कि पढ़-पढ़ कर थक गए हैं। दरअसल कोई थकता इसलिए नहीं कि वह मेहनत कर रहा है, बल्की थकते तब है जब उस काम में रूचि नहीं होती है। लर्निंग को एंजॉय करेंगे तो थकान नहीं होगी। इसलिए जैसे-जैसे आपका लक्ष्य पूरा होता है, आप खुद को रिवार्ड, ट्रीट दें। आपको जो अच्छा लगता है-जैसे चोकलेट,फिल्म, खेल का समय या किसी से बातचीत, जो भी पसंद हो वह दें। यह आपको आगे की जर्नी के लिए एनर्जी देगा। फिर भी आपको जब भी ऐसा लगता है कि आप कमजोर पड़ रहे हैं तो अपने मम्मी पापा चेहरा याद करें। याद करें-इसी पढ़ाई के साथ आपके और आपके परिवार के सपने जुड़े हैं।

मोबाइल काम लें पर उसका शिकार ना बनें 

आपकी कामयाबी के सफर में मोबाइल अच्छा साथी साबित हो सकता है। इसके  जरिए पढ़कर आप जटिल से जटिल कांसेप्ट को समझ सकते हैं, लेकिन दूसरी ओर मोबाइल गेमिंग, सोशल मीडिया से भटकाव की ओर भी ले जाता है।

स्वास्थ्य का ध्यान रखें

पढ़ाई के दौरान स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। हेल्दी फ़ूड और पूरी नींद लें। फिर भी तैयारी के दौरान अगर आपकी तबीयत खराब हो तो डॉक्टर और मन खराब हो तो टीचर से जरूर बात करें।

गलतियों से सीखें

अपने आप को किसी से कंपेयर नहीं करें। नेगेटिव विचारों वाले लोगों से दूर रहें। गलतियों से सीखना चाहिए लेकिन जरूरी नहीं कि वह गलतियां अपनी ही हों। हम दूसरों की गलतियों से सीखकर भी फायदा उठा सकते हैं।

एग्जाम टिप्स

साल भर आपने क्या तैयारी की, यह मायने नहीं रखता है, मायने यह रखता कि एग्जाम में आप क्या लिखते हैं। इसलिए लास्ट टाइम स्ट्रेटेजी बहुत जरुरी है-
-एग्जाम से पहले नया पढ़ने का समय नहीं है। खासकर जो आपको नहीं आता हो, जटिल, टिपिकल सब्जेक्ट हो, उसमें बिलकुल नहीं उलझना है। आपने जो पढ़ रखा है, उसको अपने बनाए शॉर्ट नोट्स से रिवाइज करें।
-कोई भी आदत 21 दिन में बदल जाती है। आप अपनी बायलोजिकल क्लॉक इस तरह सेट कर लें कि एग्जाम टाइम आपका हाई एनर्जी वाला टाइम रहे। जैसे आप रात को पढ़ते हैं तो दिन में सोएंगे और आपका सोने का समय एग्जाम के टाइम पर है तो एग्जाम देते समय आप सुस्ती महसूस करेंगे और इसका असर आपकी परफॉर्मेंस पर पड़ेगा।
-एग्जाम सेंटर एक दिन पहले जाकर देख लें। एग्जाम वाले दिन भी हल्का ब्रेकफास्ट करें। तय समय से 15 मिनट पहले ही एग्जाम सेंटर पहुंच जाएं।
– एग्जाम में टाइम मैनेजमेंट का ख़याल रखें। सवाल तेज गति से और सही-सही हल करना जरूरी है। जटिल सवाल में बिलकुल भी नहीं उलझना है। इसके लिए पहली बार में वे सवाल हल करें जो एक बार में पढ़कर समझ में आ रहे हैं। कठिन सवाल दूसरे राउंड में और ज्यादा कठिन सवाल अंतिम दौर के लिए छोड़ दें।  –नितिन विजय, फाउंडर और सीईओ, मोशन एजुकेशन

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